Jadui ताबीज का रहस्य पार्ट 4 new fairy tales hindi me

दोस्तो आपका फिर से स्वागत है dhaliyabhai.com पर । दोस्तो आज मैं आपके लिए ताबीज एक रहस्य new fairy tales hindi me का अगला अध्याय लेकर। आया हूँ और आशा करता हूँ कि आपको ये कहानी पसन्द आ रही होगी। तो पिछले अध्याय में हमने पढ़ा कि सिद्धार्थ और चैत्रा की दोस्ती हो चुकी थी और एक अजनबी उनको कहता है कि वो इस ताबीज का राज जानता है अब आगे की कहानी

Jadui ताबीज का रहस्य new fairy tales hindi me

वो आदमी सिद्धार्थ और चैत्रा को अपने साथ चलने के लिए कहता है उन दोनो को भी उस ताबीज का राज जानना था तो वो दोनों उसके साथ चलने के लिए राजी हो जाते है।
इसके बाद वो उनको अपनी पुरानी सी जीप में बिठाता है तभी सुधा वहाँ आ जाती है सिद्धार्थ सुधा को कहता है कि हम दोनों कहीं जा रहे है तो तुम हम दोनों के घर पर बता देना या किसी को भेज देना।वो आदमी उनको शहर के बाहर एक एक खण्डर में ले जाता है।
सिद्धार्थ उस आदमी को पूछता है तुम्हारा नाम क्या है तब वो कहता है मेरा नाम जोसफ है और मैं एक जिन हूँ लेकिन मेरी शक्तियां जा चुकी है। ये बात सुनकर सिद्धार्थ रुक गया और जोसफ से कहा कि ये तुम क्या बोल रहे हो हमें इन बातों पर विश्वास नही तब जोसफ कहता है कि तुमको सभी बातों पर विश्वास होगा तुम मेरे साथ तो चलो तब वो उनको उस खण्डर की एक गुफा में ले जाता है।
उस गुफा में बहुत अंधेरा होता है तब जोसफ वहीं लटकी एक रस्सी को खींचता है रस्सी को खींचते ही वहां पर रोशनी हो जाती है।
वो दोनों सब कुछ बहुत ही हैरानी से देख रहे होते है आगे उस गुफा के रास्ता खत्म हो जाता और सामने उनको एक मूर्ति दिखाई देती है।
चैत्रा पूछती है कि ये किसकी मूर्ति है तब जोसफ कहता है ये मूर्ति हमारी रानी करुणामती की है और जो इनके हाथों में कटा हुआ सिर है वो जकाला है हमारी जिन जाती का सबसे खतरनाक और ताकतवर जिन।
फिर जोसफ सिद्धार्थ से कहता है कि अपना ताबीज निकालो तब वो बोलता है पर पिताजी ने तो कहा था कि इसको निकालना नही है।
हां ये मुझे भी पता है ये हममे से किसी को निकालना नही होता लेकिन अभी तुमको इसको निकलना होगा नही तो मैं तुमको जहां पर ले जाना चाहता हूं वहां पर नही जा पाओगे।
तब वो अपना ताबीज निकालता है तो वो ताबीज एक चाबी में बदल जाता है।
ये देखकर वो हैरान हो जाता है तब जोसफ कहता है जल्दी से ये चाबी उस सामने के होल में लगाओ हमारे पास वक्त बहुत कम है।
तब वो जल्दी से वो चाबी उस होल में लगाता है तब उस मूर्ति में से एक रास्ता खुलता है।
जोसफ कहता है तूम जल्दी से अंदर जाओ अब वो अंदर चला जाता है अब वो चैत्रा को भी यही कहता है लेकिन वो बोलती है कि तुमने उसे क्या किया है तब जोसफ कहता है कि मैंने उसको कुछ नही किया बस हम जहां पर जाना चाहते है वहां पर भेज दिया अब हम भी वहां पर जाएंगे तब अंदर से आवाज आती है चैत्रा तुम भी यहां आ जाओ और देखो मैं कहाँ आया हूँ ऐसी जगह मैंने आज से पहले कभी नही देखी।
तब चैत्रा भी अपनी चाबी से उस मूर्ति के अंदर चली जाती है बाद में जोसफ भी अपने ताबीज की मदद से अंदर चला जाता है।
वो तीनो एक अलग ही दुनिया मे चले जाते है चैत्रा बोलती है ये कौनसी जगह है तुम हमे कहाँ ले आये हो हम तो उस गुफा में थे।
तब जोसफ कहता है कि ये टेसा ग्रह है और जिस दरवाजे से हम आये है वो एक स्टारगेट है और हमारे ताबीज उस दरवाजे की चाबी है जिस दरवाजे से हम आये है।
आखिर सिद्धार्थ और चैत्रा का टेसा ग्रह से क्या सम्बन्ध था ये जानने के लिए इस कहानी ताबीज का रहस्य के अगले अध्याय का इंतजार कीजिये।

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