तीन महागुरु fairy tales in hindi language

दोस्तो आपका स्वागत है dhaliyabhai.com पर और मै आपके लिए लाया हूं ताबीज एक रहस्य तीन महागुरु fairy tales in hindi language का अगला अध्याय पिछले अध्याय में हमने पढ़ लिया कि कैसे चैत्रा और सिद्धार्थ को अपना अपना ब्रेवर मिला और उनको एक हीरा मिला जिसमे से एक रोशनी निकली और देखते ही देखते वो रोशनी उनके माता पिता की छवि में बदल गयी अब आगे की कहानी तीन महागुरु fairy tales in hindi language शुरू करते है।

तीन महागुरु fairy tales in hindi language

सिद्धार्थ के पिता कहते है कि बेटा कैसे हो तुम तब सिद्धार्थ बोलता है ठीक हूँ पिताजी पर आप दोनो की बहुत याद आती है।
बेटा हम तो तुम्हारे पास ही थे सदा से बस तुम हमको देख नही पाए।।
तब चैत्रा पूछती है कि ये सब क्या है मेरी तो कुछ समझ नही आ रहा बस जो जोसफ कह रहा है हम वो कर रहे है।
सच क्या है और झूठ क्या है हम कुछ भी समझ नही पा रहे क्या जब हम धरती पर रह रहे थे और वहां पर जो समय गुजारा वो सच था या फिर यहाँ पर गुजारे हुए लम्हे सच है मैं तो सच और झूठ के बीच फस चुकी हूं।
इतने दिनों तक तो कोई हमें पूछने भी नही आया और अचानक से एक आदमी आया और हमे एक ऐसी दुनिया में ले आ गया जिसके बारे में कभी सोचा भी नहीं था और आपकी तो मृत्यु हो चुकी है तो आप हमसे बात कैसे कर रहे है।
आखिर कौन हूँ मै क्या आप मुझे विस्तार से बता सकते है।
सिद्धार्थ भी बोल हैं पिताजी मुझे भी ये जानना है।
तब चैत्रा के पिता कहते हैं कि बेटी ये जो तुम देख रही हो ये भी सच है और जो धरती पर हुआ वो भी सच है।
हम इसी ग्रह के वासी है ये तो तुमको जोसफ ने बता ही दिया होगा और बात रही हमारी मृत्यु की तो मैं तुमको बता दु की हमारा शरीर नश्वर है लेकिन हमारी आत्मा अमर है न कोई इसको मिटा सकता है ना कोई जला सकता है ना कोई सूखा सकता है।
ये सब तुमने श्रीमद भगवत गीता में पढ़ा ही है जो मैंने तुमको बचपन मे पढ़ाया था।
हां पिताजी मुझे याद है चैत्रा ने कहा।
जब हमारा जन्म होता है तब हमको दो तरह के शरीर मिलते है एक सूक्ष्म और एक स्थूल हमारा स्थूल शरीर तो मरने के बाद नष्ट हो जाता है लेकिन सूक्ष्म शरीर नही होता ये मेरा सूक्ष्म शरीर ही है।
ये जो मैं तुमसे बात कर रहा हूँ ये हमने कड़ी तपस्या से अर्जित किया है पहले हमारे पूर्वज पृथ्वी पर ही रहते थे।
धीरे धीरे हमने जैसे जैसे समय बीतता गया हमारी टेक्नोलॉजी भी वैसे वैसे डेवलप होती गयी।
साथ ही हम अध्यात्म की और भी अग्रसर थे और ध्यान और योग की मदद से हमने बहुत सी सिद्धियां प्राप्त कर ली थी।
हमारे तीन महागुरु थे जो इतने सिद्ध हो गए कि जिन्होने अपने कठिन तप और टेक्नोलॉजी की मदद से इस टेसा ग्रह का ही निर्माण कर दिया।
यहां पर उन्होंने बहुत से अलग अलग किस्म के जीवों को प्रकट किया और जो भी इंसान जो शांतिप्रिय और आधयात्मिक थे उनको इस ग्रह पर भेजा और वो स्टारगेट भी उन्होंने ही बनाया और उसके लिए एक चाबी रूपी ताबीज भी बनाया।और हमारी जाती का नाम जिन जाती रखा।
और जो ड्रेगन तूमने देखा था वो ड्रेगन भी उन्होंने ही बनाया वो सबका भूतकाल और भविष्य जानने वाले त्रिकालदर्शी थे उनको पता था कि क्या हुआ और क्या होने वाला है।
यहां पर उन्होंने एक ऐसा सिस्टम बनाया की हर एक व्यक्ति जो भी वहां पर जन्म लेता उसके साथ उसका ब्रेवर भी जन्म लेता और जब उस व्यक्ति की मृत्यु होती तो उसके ब्रेवर की भी मृत्यु हो जाती है।
सब कुछ सही चल रहा था लेकिन हमारी जिन जाति के ही एक जिन जकाला ने काली शक्तियों की मदद से बहुत सी असाधारण शक्तियों को प्राप्त कर लिया था।
उन शक्तियों की मदद से वो हमारी जिन जाती का सबसे ताकतवर जिन बन गया था।
आज की कहानी बस यहीं तक आगे की कहानी अगले अध्याय में।
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