Fairy tails in hindi चैत्रा और सिद्धार्थ की पहली मुलाकात

चैत्रा और सिद्धार्थ की पहली मुलाकात fairy tails in hindi पिछली कहानी में हमने पढा था सिद्धार्थ नाम का एक लड़का जिसके पिता उसके गले मे एक ताबीज पहनाते है।उसके माता और पिता दोनो की मृत्यु हो जाती है उसके बाद वो अपने अंकल के साथ रहने लगता है अब आगे..
दोस्तो आप है dhaliyabhai.com पर और आज मैं आपके लिए लेकर आया हु ताबीज एक रहस्य fairy tales in hindi कहानी का भाग 2.

चैत्रा और सिद्धार्थ की पहली मुलाकात fairy tails in hindi

अगले दिन सिद्धार्थ अपने कॉलेज जाने के लिए तैयार हो जाता है।
वो कई दिनों की छुटियों के बाद अपने कॉलेज गया था सिद्धार्थ कॉलेज में अपने दोस्तों से मिला और सुरेश को पूछा और कैसी गयी ये छुटियाँ तो सुरेश ने कहा क्या यार मेरी छुटियाँ तो एकदम बोरिंग गयी।
न कोई मस्ती न एंजॉयमेंट कुछ भी नही था बिना तुम लोगो के मेरी छुटियाँ बड़ी नीरस गयी यार।
तभी पास में खड़ी ज्योति ने कहा मैं तो अपनी फैमिली के साथ ऊटी गयी थी वहां का नजारा यार में बता नही सकती कितना सुंदर था।
मैंने तो वहां पर बहुत एन्जॉय किया मेरी दोनो बहने भी तो मेरे साथ थी हम तीनों ने छुटियों का पूरा मजा उठाया।
जॉन तुम्हारी छुटियाँ कैसी गयी ज्योति ने जॉन से पूछा जॉन ने कहा कि मैं तो अपना एक साइंस का प्रोजेक्ट तैयार कर रहा था जो कि तैयार भी हो गया।
दोस्तो मैंने एक ऐसा डिवाइस तैयार किया है जिसकी मदद से हम किसी भी फ्रीक्वेंसी पर अपने डिवाइस को सेट करके बारीक से बारीक आवाज को भी सुन सकते है जैसे कोई भूत या किसी दूसरे डाइमेंशन के किसी जीव की आवाज क्यों न हो।
आज रात अगर तुम चाहो तो मेरे घर आकर मेरे उस डिवाइस का कमाल देख सकते हो।
सिद्धार्थ ने कहा कि क्यों नही हम आज रात तुम्हारे घर पर आ कर उस डिवाइस का कमाल जरूर देखना चाहेंगे।
फिर वो चारो अपने क्लास की तरफ जाने के लिए आगे बढ़ते है की तभी एक पिंक दुपट्टा सिद्धार्थ के चेहरे को ढक लेता है जिस तरह से सूरज के आगे बादल आ जाते है उसी तरह से उस दुपट्टे से भिमी भिमी सी गुलाब की खुशबू आ रही थी।
सिद्धार्थ के लिए तो जैसे वक्त थम ही गया था इतने से समय मे उसने उस दुपटे वाली की सूरत को अपने मन मे बना लिया था फिर धीरे धीरे वो दुपट्टा सिद्धार्थ के चेहरे से उतरने लगा लेकिन वो सिद्धार्थ के बैग में लगी चैन में अटक गया।
जब सिद्धार्थ ने मुड़कर देखा तो उसके सामने एक लड़की थी जिसको देखते ही सिद्धार्थ के सारे सपने चूर चूर हो गए जो सूरत उसने मन मे बनाई थी वो बिल्कुल उसके विपरीत थी।
उस लड़की का रंग काला था उसके दांत भी बाहर निकले हुए थे और जब वो बोली तो उसकी आवाज सुनकर तो सिद्धार्थ डर ही गया इतनी बुरी थी उसकी आवाज।
सिद्धार्थ का सपना टूट गया उसके दिल को बहुत ठेस लगी उसको मन मे बहुत दर्द हुआ लेकिन उसने सोचा यार इतना तो चलता है।
सिद्धार्थ ने उसका दुपट्टा अपने बैग की चेन से निकाला।
उसकी हालत देख कर उसके दोस्तों ने उसकी बहुत खिली उड़ाई।
फिर उसके बाद चारो अपनी क्लास में चले गए वो लड़की भी उनकी ही क्लास में चली आयी वो भी उसी क्लास में नई एडमिशन ली थी।
तब प्रिंसिपल ने आकर सबको बताया कि वो लड़की साउथ इंडिया से आई है ये चेन्नई में रहती है इसके पिता का ट्रांसफर इसी शहर में हुआ है।
इसका नाम चैत्रा है इसके पिता और मैं अच्छे दोस्त है हमने साथ मे ही अपनी ग्रेजुएशन शुरू की है इसको थोड़ी हिंदी कम आती है तो तुम इसकी हिंदी सीखने में हेल्प करोगे और इसको अपना दोस्त बनाओगे मैं ये आशा करता हूँ।
तो मैं चलता हूँ अब अपने कॉलेज का पहला दिन एन्जॉय करो चैत्रा ये कह कर प्रिंसिपल वहां से चले गए।
क्या सिद्धार्थ और उसके दोस्त चैत्रा को अपनी दोस्त बना पाएंगे आगे जानने के लिए इंतजार कीजिये ताबीज एक रहस्य के अगला अध्याय का धन्यवाद।

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